LPG Crisis: क्या है एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट 1955? एलपीजी संकट के बीच सरकार ने किया लागू
भारत सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 लागू कर दिया है.
Essential Commodities Act: मिडिल ईस्ट में जंग की वजह से पेट्रोल-डीजल और गैस सप्लाई को लेकर लोगों में चिंता हो गई है. धीरे-धीरे कई देशों का स्टॉक भी खत्म होने के कगार पर आ गया है. लगातार कई शहरों से गैस सप्लाई की कमी होने की खबरें आ रही हैं. इसी बीच भारत सरकार ने पेट्रोलियम, पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स और नैचुरल गैस की उपलब्धता, सप्लाई और बराबर डिस्ट्रीब्यूशन को रेगुलेट करने के लिए एसेंशियल कमोडिटीज़ एक्ट, 1955 लागू कर दी है. अब ऐसे में सबके मन में एक ही सवाल पैदा हो रहा है कि आखिर यह क्या है और सरकार के लागू करने के बाद क्या-क्या परिवर्तन होंगे?
क्या है एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट (ECA)
आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 (एसेंशियल कमोडिटीज़ एक्ट) सरकार उस दौरान लागू करती है. जब किसी चीज को लेकर आम जन में भय का माहौल बन जाता है और फिर लोग जमाखोरी चालू कर देते हैं. यह भारत सरकार का वह कानून है, जो जरूरी बस्तुओं के निर्माण, आपूर्ति और वितरण के नियंत्रित करने का काम करता है. इस एक्ट को लागू करने के पीछे सरकार का उद्देश्य है कि जमाखोरी और कालाबाजारी को रोककर आम लोगों को उचित दर में चीजें उपलब्ध कराई जाएं.
भारत सरकार पेट्रोलियम और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स और नैचुरल गैस की उपलब्धता, सप्लाई और बराबर डिस्ट्रीब्यूशन को रेगुलेट करने के लिए एसेंशियल कमोडिटीज़ एक्ट, 1955 लागू करती है। pic.twitter.com/m0OZO3KJx7
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 10, 2026
2007 में इस एक्ट में हुआ था अपडेट
ECA आर्थिक संरक्षण अधिनियम, 1955 के अंतर्गत आता है, जिसमें केंद्र सरकार ने साल 2007 में कई बदलाव किए थे. पहले जो चीजें इस एक्ट में शामिल नहीं की गई थीं. उसे साल 2007 में जोड़ दिया गया. जैसे ड्रग्स, उर्वरक, खाद्य पदार्थ, कपास से बना हैंक यार्न, पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पाद, कच्चा जूट, सब्जियां और कई तरह के बीज शामिल हैं. ताकि ऐसी चीजों की कमी होने पर कोई स्टॉक न कर सके और जमाखोरी से भी बचाया जा सके. इस दौरान सरकार एक लिमिट तय कर देती है.
क्या है सरकार का आदेश?
भारत सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, रिफाइनरियां और पेट्रोकेमिकल प्लांट गैसों का इस्तेमाल अब पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट या दूसरे औधोगिक कामों के लिए नहीं किया जा सकेगा. यानी कि अब इनसे सिर्फ एलपीजी ही बनाया जाएगा. ताकि रसोई गैस की कमी न हो. अगर एलपीजी की कमी हो गई तो, आम लोग इसमें सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे. सरकार ने इस संकट को देखते हुए पहले से ही प्लानिंग शूरू कर दी है. हालांकि, यह एक्ट कब तक लागू रहेगा. इसको लेकर अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है.