बिहार के बाद यूपी की शिखा का IAS बनने का दावा निकला फर्जी, जश्न में शामिल हुए थे हजारों लोग, जानें किसे मिली 113वीं रैंक

UPSC Result: जब बुलंदशहर की शिखा को पता चला कि 113वीं रैंक उसकी नहीं बल्कि हरियाणा की रहने वाली शिखा का है, तो वह भावुक हो गई. हालांकि उन्होंने अपनी चूक मानते हुए कहा कि हमारा नाम एक जैसा था. मैनें सिर्फ नाम देखा और रोल नंबर नहीं देखा, यही मेरी गलती थी.
UPSC Result 113 Rank Shikha

बुलंदशहर की शिखा का आईएएस बनने का दावा निकला फर्जी

UPSC Result: यूपीएससी परिणाम 2026 के बाद इस साल कई ऐसे अभ्यर्थियों ने जश्न मनाया, जिनका चयन नहीं हुआ था. लेकिन जब बाद में सच्चाई पता चली, तो भावुक हो गए. पहले गाजीपुर और बिहार के आरा जिले की आकांक्षा सिंह का मामला काफी सुर्खियों में रहा, क्योंकि इन दोनों 301वीं रैंक को अपना होने का दावा किया था. हालांकि, बाद में आरा की आकांक्षा सिंह का दावा गलत निकला और गाजीपुर के आकांक्षा का सही. एक ऐसा ही मामला बुलंदशहर से आया है, जहां 113वीं रैंक पर दो शिखा ने दावे किए. हालांकि, बाद में बुलंदशहर की शिखा ने माना कि यह हमारा परिणाम नहीं है. 113वीं रैंक हरियाणा की रहने वाली शिखा का है. सोशल मीडिया पर अब यह काफी वायरल हो रहा है.

दरअसल, यूपीएससी रिजल्ट आने के बाद बुलंदशहर की शिखा ने पीडीएफ में अपना नाम देखा और खुशी के मारे उसने रोल नंबर नहीं देखा. परिणाम के बाद शिखा का पूरा परिवार जश्न में डूब गया. रिश्तेदारों का भी तांता लगा रहा, लेकिन कुछ ही दिनों बाद कहानी अचानक बदल गई. जब बुलंदशहर की शिखा ने अपना रोल नंबर मैच किया, तो अलग निकला. पता चला कि वह हरियाणा की शिखा है, जिसकी 113वीं रैंक लगी है.

रोल नंबर नहीं देखने पर हुई गलती

जब बुलंदशहर की शिखा को पता चला कि 113वीं रैंक उसकी नहीं बल्कि हरियाणा की रहने वाली शिखा का है, तो वह भावुक हो गई. हालांकि उन्होंने अपनी चूक मानते हुए कहा कि हमारा नाम एक जैसा था. मैनें सिर्फ नाम देखा और रोल नंबर नहीं देखा, यही मेरी गलती थी. शिखा के पिता ने कहा कि बेटी की सफलता सुनते ही पूरे परिवार और रिश्तेदार काफी खुश हो गए कि हमारी बिटिया का चयन हुआ है. लेकिन अब पता चला कि यह परिणाम हमारी बिटिया का नहीं, बल्कि हरियाणा की रहने वाली शिखा का है.

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हरियाणा की शिखा को मिली 113वीं रैंक

बुलंदशहर की रहने वाली शिखा काफी साधारण बैकग्राउंड से आती हैं. उनके दादा इंटर कॉलेज में चपरासी थे. शुरुआत में जब शिखा के यूपीएससी में चयन की खबरें आईं, तो चारो ओर संघर्ष और सफलता की कहानियां सुनाई जाने लगीं. कि कैसे सीमित आय होने के बावजूद कोई इतनी बड़ी सफलता कैसे पाई. लेकिन जब सच्चाई पता चली, तो लगा मानों पैरों तले जमीन खिसक गई हो. फिलहाल, बुलंदशहर की रहने वाली शिखा ने अपनी गलती स्वीकार की है और बताया कि 113वीं रैंक हरियाणा की रहने वाली शिखा का है.

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