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UP News: यूपी में Ola, Uber और Rapido की बढ़ी मुश्किलें! अब ये काम करना होगा जरूरी, योगी कैबिनेट में प्रस्ताव पास

सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर

UP News: उत्तर प्रदेश सरकार ने Ola, Uber और Rapido जैसी कंपनियों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. यूपी की सरकार की कैबिनेट बैठक में कुल 30 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई हैं. इसमें मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा में में भी संशोधन को मंजूरी दे दी गई है. इसके तहत अब प्रदेश में ओला और ऊबर जैसी कंपनियों को रजिट्रेशन कराना अनिवार्य है बिना रजिस्ट्रेशन के उत्तर प्रदेश में कंपनी नहीं चलाई जा सकती है. ये रजिस्ट्रेशन पांच बर्षों के लिए मान्य रहेगा.

किन वाहनों पर लागू होगा ये नियम

अब से ओला, ऊबर जैसी एग्रीगेटर कंपनियों को लाइसेंस जारी करने के लिए पांच लाख रुपये का शुल्क देना होगा. हालांकि यह नियम तिपहिया ऑटो और टू-व्हीलर वाहनों पर लागू नहीं होगा. इस बैठक में और भी कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है. मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण और नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत नए शहरों के समग्र और समुचित विकास के लिए बरेली, वाराणसी, उरई, चित्रकूट, बांदा, प्रतापगढ़, गाजीपुर और मऊ के लिए धनराशि स्वीकृत करने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है.

‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026’ को मंजूरी

इस कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया है कि यूपी के हर गांव को अब बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान की जाएंगी. कैबिनेट ने बहुप्रतीक्षित ‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026’ पर अपनी मुहर लगा दी है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन गांवों को मुख्यधारा और जिला मुख्यालय से जोड़ना है, जो आजादी के दशकों बाद भी सार्वजनिक परिवहन सेवा से वंचित हैं. परिवहन मंत्री दयासिंह ने इसे ग्रामीण जनता के लिए बड़ी सौगात बताते हुए अब गांवों का विकास शहरो की तर्ज पर रफ्तार पकड़ेगा.

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