पश्चिम बंगाल में पुजारियों-मुअज्जिनों का मानदेय बढ़ाया गया, इलेक्शन के ऐलान से सवा घंटे पहले ममता बनर्जी ने की घोषणा

रविवार को चुनाव आयोग ने चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के लिए चुनावों का ऐलान किया है. इनमें पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और केंद्र शासित राज्य पुडुचेरी शामिल हैं.
West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee (File Photo)

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी(File Photo)

Mamata Banerjee hike salary: पश्चिम बंगाल में इलेक्शन से ठीक पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ा ऐलान किया है. ममता बनर्जी ने चुनाव के ऐलान के सवा घंटे पहले ही बड़ा दांव चला है. सियासी पंडित इसे ममता के मास्टर स्ट्रोक के तौर पर देख रहे हैं. ममता बनर्जी ने पुजारियों-मुअज्जिनों का मानदेय बढ़ाने का फैसला लिया है. मानदेय में 500 रुपये की बढ़ोत्तरी की गई है. इसी के साथ ही पुजारियों और मुअज्जिनों को 2 हजार रुपये हर महीने दिया जाएगा.

हर समुदाय और परंपरा का सम्मान

पश्चिम बंगाल के चुनाव ऐलान से महज सवा घंटे पहले ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के एक ट्वीट से सूबे की सियासत गरमा गई है. ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर ट्वीट करके पुजारियों और मुअज्जिनों का मानदेय बढ़ाने का ऐलान किया है. ममता बनर्जी ने लिखा, ‘मुझे यह घोषणा करते हुए प्रसन्नता हो रही है कि हमारे पुरोहितों और मुअज्जिनों को दिए जाने वाले मासिक मानदेय में 500 रुपये की वृद्धि की गई है, जिनकी सेवा हमारे समुदायों के आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन को बनाए रखती है. इस संशोधन के साथ, उन्हें अब हर महीने 2000 रुपये मिलेंगे. साथ ही, पुरोहितों और मुअज्जिनों द्वारा विधिवत प्रस्तुत किए गए सभी नए आवेदनों को राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित कर दिया गया है.’

ममता बनर्जी ने आगे लिखा, ‘हमें ऐसे वातावरण को पोषित करने पर गर्व है, जहां प्रत्येक समुदाय और प्रत्येक परंपरा का सम्मान और सुदृढ़ीकरण किया जाता है. हमारा प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि हमारी समृद्ध आध्यात्मिक विरासत के संरक्षकों को वह मान्यता और समर्थन मिले जिसके वे हकदार हैं.’

‘4 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के लिए चुनावों का ऐलान’

रविवार को चुनाव आयोग ने चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के लिए चुनावों का ऐलान किया है. इनमें पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और केंद्र शासित राज्य पुडुचेरी शामिल हैं. चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही आचार संहिता लागू हो जाती है. जिसके बाद सरकार किसी भी तरह की नई घोषणाएं नहीं कर सकती है. लेकिन ममता बनर्जी ने चुनावी ऐलान के केवल डेढ़ घंटे पहले ही बड़ा दांव चल दिया है.

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