West Bengal: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रोटोकॉल उल्लंघन मामले में केंद्र सरकार ने मामले को संज्ञान को लिया है. केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने बंगाल के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर शाम 5 बजे तक रिपोर्ट मांगी है. इस पत्र में राष्ट्रपति को प्रोटोकॉल नहीं दिए जाने और रास्ते की सही जानकारी न देने के साथ ही अन्य कई व्यवस्थाओं के बारे में स्पष्टीकरण मांगा है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ममता सरकार के इस रवैये को ‘अराजक’ बताया है.
न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, केंद्रीय गृह सचिव ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन के लिए तय प्रोटोकॉल में हुई चूक, दार्जिलिंग जिले में इंटरनेशनल संथाल कॉन्फ्रेंस की जगह बदलने और दूसरे संबंधित इंतजामों के बारे में पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव से एक डिटेल्ड रिपोर्ट मांगी है.
केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की अगवानी के लिए तय प्रोटोकॉल में हुई चूक, दार्जिलिंग जिले में इंटरनेशनल संथाल कॉन्फ्रेंस की जगह बदलने और दूसरे संबंधित इंतज़ामों के बारे में पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव से आज शाम 5 बजे तक एक डिटेल्ड रिपोर्ट मांगी है:… pic.twitter.com/NCZLtq9uLC
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 8, 2026
क्या था विवाद?
यह विवाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बंगाल दौरे के समय का है. इस दौरान ममता बनर्जी दार्जिलिंग जिले के 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुई थीं. राष्ट्रपति का कार्यक्रम पहले बिद्यानगर में प्रस्तावित था, लेकिन राज्य सरकार ने सुरक्षा, भीड़भाड़ और कई अन्य कारणों का हवाला देते हुए इसे बागडोगरा एयरपोर्ट के पास स्थानांतरित कर दिया. इस मामले को लेकर राष्ट्रपति ने खुद नाराजगी जताई और कहा कि स्थान छोटा होने की वजह से लोग नहीं पहुंच पाए. हालांकि उन्होंने ममता बनर्जी को छोटी बहन बताते हुए पूछा कि क्या वो (ममता बनर्जी) नाराज हैं. क्योंकि कार्यक्रम के दौरान न तो ममता बनर्जी और ना ही उनके कोई मंत्री रिसीव करने पहुंचे थे.
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अमित शाह ने ‘अराजक’ बताया
सूत्रों के मुताबिक, प्रेसीडेंट को रिसीव करने और सी-ऑफ करने के लिए सीएम, सीएस और डीजीपी नहीं थे, जो नियमों का उल्लंघन है. यह राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल के कई पैमानों पर सुरक्षा संबंधित ब्लू बुक के नियमों के तहत उल्लंघन माना जाता है. इस मामले को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी एक्स पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. ममता सरकार को ‘अराजक’ बताया है. फिलहाल, अब देखना यह होगा कि बंगाल के मुख्य सचिव अब इस मामले में क्या रिपोर्ट देते हैं.
