Deprecated: is_dir(): Passing null to parameter #1 ($filename) of type string is deprecated in /var/www/betavistaarnewscom/wp-content/plugins/liveblog/liveblog.php on line 339
Delhi: दिल्ली AIIMS में भारी बारिश के बाद जलभराव, परिसर के अंदर और बाहर मरीजों-कर्मचारियों को भारी परेशानी

दिल्ली AIIMS में भारी बारिश के बाद जलभराव, परिसर के अंदर और बाहर मरीजों-कर्मचारियों को भारी परेशानी

Delhi: मूसलधार बारिश के कारण AIIMS परिसर के अंदर और बाहर गंभीर जलभराव की स्थिति देखने को मिली.
Delhi AIIMS

AIIMS दिल्ली के अंदर पानी भर गया

Delhi: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगातार हो रही भारी बारिश ने देश के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के परिसर को भी नहीं बख्शा है. 14 अगस्त को हुई मूसलधार बारिश के कारण AIIMS परिसर के अंदर और बाहर गंभीर जलभराव की स्थिति देखने को मिली. परिसर के अंडरपास, इमरजेंसी वार्ड और अन्य क्षेत्रों में पानी भर गया, जिससे मरीजों, उनके तीमारदारों और अस्पताल कर्मचारियों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

दिल्ली के कालकाजी इलाके में गुरुवार, 14 अगस्त को मूसलाधार बारिश के दौरान एक दर्दनाक हादसा हुआ. हंसराज सेठी मार्ग पर पारस चौक के पास सुबह करीब 9:50 बजे एक 100 साल पुराना नीम का पेड़ अचानक उखड़कर सड़क पर गिर गया. इस हादसे में बाइक सवार सुधीर कुमार (50) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी बेटी प्रिया (22) गंभीर रूप से घायल हो गई. पेड़ के नीचे एक कार भी क्षतिग्रस्त हुई, लेकिन उसमें सवार लोगों को गंभीर चोटें नहीं आईं.

स्थानीय लोगों और पुलिस ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया. जेसीबी की मदद से पेड़ को हटाया गया और घायलों को एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया. हादसे का CCTV वीडियो भी सामने आया है. जिसमें बाइक सवारों के पेड़ के नीचे फंसने की भयावह स्थिति दिख रही है. मौसम विभाग ने दिल्ली में भारी बारिश के लिए ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है.

सुप्रीम कोर्ट ने 14 अगस्त को जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई की. मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने केंद्र सरकार को 8 हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर की जमीनी हकीकत और ऐसी घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

याचिका शिक्षाविद जहूर अहमद भट और कार्यकर्ता खुर्शीद अहमद मलिक ने दायर की थी, जिसमें केंद्र को दो महीने में स्टेटहुड बहाल करने का आदेश देने की मांग की गई. याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि 2024 में शांतिपूर्ण चुनावों के बाद सुरक्षा संबंधी कोई बाधा नहीं है, और स्टेटहुड बहाल न करना संविधान के संघवाद सिद्धांत का उल्लंघन है. केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सरकार स्टेटहुड बहाली के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन क्षेत्र की ‘अजीबोगरीब परिस्थितियों’ के कारण समय चाहिए. कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 8 हफ्ते बाद निर्धारित की है.

14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को एकता और मानवता की रक्षा का संदेश दिया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक मार्मिक पोस्ट में कहा कि यह दिन 1947 के विभाजन के दौरान लाखों लोगों द्वारा झेले गए दर्द और उथल-पुथल को याद करने का है. पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि नफ़रत की आग केवल विनाश लाती है, और हमें हर कीमत पर एकता, प्रेम और मानवता की रक्षा करनी चाहिए. उन्होंने विभाजन के पीड़ितों के साहस और नए सिरे से शुरुआत करने की उनकी क्षमता की सराहना की.

देश और दुनिया की तमाम खबरों के लिए देखते और पढ़ते रहिए विस्तार न्यूज…

ज़रूर पढ़ें