PM Modi In Rajya Sabha: राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेवानिवृत्त सदस्यों को विदाई दी है. इस दौरान उन्होंने कहा कि रिटायर हो रहे सांसदों का बड़ा योगदान रहा है. यहां से कुछ साथी विदाई ले रहे हैं कुछ फिर से आने के लिए विदाई ले रहे हैं और कुछ विदाई के बाद यहां का अनुभव लेकर जीवन में विशेष योगदान के लिए जा रहे हैं. जो जा रहे हैं लेकिन आने वाले नहीं हैं, उनको मैं कहना चाहूंगा कि राजनीति में पूर्णविराम नहीं होता है. भविष्य आपका इंतजार कर रहा है, आपका अनुभव और आपका योगदान राष्ट्र जीवन में हमेशा बना रहेगा.”
राज्यसभा में आज बुधवार को रिटायर हो रहे सांसदों को विदाई दी जा रही है. इस दौरान सदन में प्रधानमंत्री भी मौजूद हैं. राज्यसभा के चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि 25 राज्यों के 59 सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो रहा है. जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और डिप्टी चेयरमैन हरिवंश शामिल हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में कहा, "यहां से कुछ साथी विदाई ले रहे हैं कुछ फिर से आने के लिए विदाई ले रहे हैं और कुछ विदाई के बाद यहां का अनुभव लेकर जीवन में विशेष योगदान के लिए जा रहे हैं। जो जा रहे हैं लेकिन आने वाले नहीं हैं उनको मैं कहना चाहूंगा कि राजनीति में… pic.twitter.com/kPemRYae0A
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 18, 2026
अठावले को लेकर क्या बोले PM मोदी?
राज्यसभा में पीएम मोदी ने कहा, 37 सदस्यों का आज कार्यकाल पूरा हो रहा है. वहीं कुछ सदस्यों का कार्यकाल ऐसे समय पूरा होगा, जब सदन नहीं चल रहा होगा. सदन एक ऐसी व्यवस्था है, कि नया समूह जब आता है, उसे चार साल से बैठे लोगों से सीखने को मिलता है. खट्टी-मीठी यादें हैं, लेकिन सदन में सबका योगदान है.
इस दौरान पीएम मोदी ने कुछ सदस्यों को याद करते हुए कहा कि हरिवंश जी ने अपनी जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन किया है. हमारे अठावले जी जा रहे हैं. उम्मीद है उनकी कमी सदन को नहीं खलेगी. यह मीडिया का जमाना है, उनके व्यंग्य मिलते रहेंगे. मुझे पूरा भरोसा है कि वे सटायर और ह्यूमर की भरपूर सेवा करते रहेंगे.
ये भी पढ़ेंः ’10-15 पुलिस वालों की लाशें गिरेंगी… खुली चुनौती देने वाला कुंदन ठाकुर एनकाउंटर में ढेर, एक STF जवान भी शहीद
पीएम मोदी ने कहा, “देवगौड़ा जी, खरगे जी, शरद पवार जी ऐसे वरिष्ठ लोग हैं, जिनके जीवन का आधे से अधिक उम्र संसदीय कार्य प्रणाली बीता है. इतने लंबे अनुभव के बाद भी सभी नए सांसदों ने सीखना चाहिए, वैसे समर्पित भाव से सदन में आना, योगदान करना. समाज से जो जिम्मेदारी मिली है उसके प्रति समर्पित रहना सब वरिष्ठ लोगों से सीखने जैसा है.”
