LPG Crisis: 10 राज्यों में कमर्शियल गैस सप्लाई बंद, मुंबई-दिल्ली समेत कई शहरों में रेस्टोरेंट और ढाबों के सामने बड़ा संकट

LPG Crisis: इजरायल-ईरान की बीच जंग लगातार जारी है. इस वजह से मिडिल ईस्ट के कई देशो में हालात बिगड़ चुके हैं. इसका असर अब भारत पर भी साफ तौर पर पड़ने लगा है.
LPG Crisis

LPG Crisis

LPG Crisis: इजरायल-ईरान की बीच जंग लगातार जारी है. इस वजह से मिडिल ईस्ट के कई देशो में हालात बिगड़ चुके हैं. इसका असर अब भारत पर भी साफ तौर पर पड़ने लगा है. मध्य-पूर्व में तनाव की वजह से ईधन की सप्लाई बुरी तरह से प्रभावित हुई है. होमुर्ज स्ट्रेट बंद होने से भारत को सऊदी अरब जैसे देशों से होने वाला 85-90 प्रतिशत एलपीजी आयात पूरी तरीके से ठप हो गया है. इस वजह से भारत के कई राज्यो में एलपीजी की किल्लत देखने को मिल रही है.

‘एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955’ लागू

देश के कई शहरों से ऐसी तस्वीरें सामने आ रही हैं. जिसमें घरेलू सिलेंडर भरवाने के लिए भी लोगों को लंबी लाइनें लगानी पड़ रही हैं. इस स्थिति और आने आने वाली चुनौतियों को देखते हुए केंद्र सरकार ने देश भर में ‘एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955’ लागू कर दिया है. इतना ही नहीं मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, कर्नाटक, तेलंगाना , आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्यों ने कॉमर्शियल गैस की सप्लाई पर फिलहाल रोक लगा दी है.

इन राज्यों में कॉमर्शियल गैस पर रोक

इन राज्यों में कॉमर्शियल गैस पर रोक की वजह से रेस्टोरेंट और होटलों के बंद होने की नौबत आ गई है. रेस्टोरेंट एसोसिएशनों ने आगाह किया है कि अगर सप्लाई बहाल नहीं हुई तो कुछ दिनों में खाने पीने के ढाबे और रेस्टोरेंट बंद हो सतके हैं. देश में केंद्र सरकार की तरफ से कमोडिटी एक्ट लागू कर दिया गया है और इस एक्ट के लागू हो जाने की वजह से अब 4 कैटेगिरी में गैस बांटी जाएगी.

  • पहला कैटेगरी- इसमें घर की रसोई गैस (PNG) और गाड़ियों वाली CNG आती है. इन्हें पहले की तरह पूरी गैस मिलती रहेगी.
  • दूसरी कैटेगरी (खाद कारखाने): खाद बनाने वाली फैक्ट्रियों को करीब 70% गैस दी जाएगी, लेकिन उन्हें साबित करना होगा कि गैस का इस्तेमाल खाद बनाने में ही हुआ हैं.
  • तीसरी कैटेगरी (बड़े उद्योग): नेशनल ग्रिड से जुड़ी चाय की फैक्ट्रियों और दूसरे बड़े उद्योगों को उनकी जरूरत की लगभग 80% गैस मिलेगी.
  • चौथी कैटेगरी (छोटे बिजनेस और होटल): शहरों के गैस नेटवर्क से जुड़े छोटे कारखानों, होटल और रेस्टोरेंट को भी उनकी पुरानी खपत के हिसाब से लगभग 80% गैस दी जाएगी.

ये भी पढ़ेंः गाड़ियों में पेट्रोल नहीं, इफ्तार पार्टी पर भी बैन…मिडिल ईस्ट तनाव के बीच पाकिस्तान में बिगड़े हालात, सरकार ने लगाई कई पाबंदियां

ज़रूर पढ़ें