West Asia Conflict: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच ईरान ने कहा कि फिलहाल अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं की जाएगी. ईरान लंबे समय तक युद्ध के लिए तैयार है. भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने ANI को इंटरव्यू दिया, जिसमें बताया कि ईरानी खुलकर बोल रहे हैं कि देश की रक्षा के लिए बलिदान देने को तैयार हैं. वे खून दे देंगे लेकिन अपनी जमीन नहीं देंगे. इस दौरान अब्दुल मजीद ने साफ किया है कि मौजूदा हालात को देखते हुए बातचीत का कोई सवाल नहीं उठता.
ANI को दिए इंटरव्यू में अब्दुल मजीद ने साफ कहा कि वह मौजूदा स्थिति को देखते हुए अमेरिका के साथ बातचीत के लिए तैयार नहीं हैं. अगर ऐसी स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो ईरान लंबे समय तक युद्ध का सामना करने के लिए भी तैयार हैं. आज भी ईरान की सड़कों पर लोगों में गुस्सा और प्रतिरोध का भाव दिखाई देता है. ईरान के पास लंबे युद्धों का अनुभव है. ईरान अंत तक लड़ने का संकल्प रखता है.
ईरान किसी के दबाव में आने वाला नहीं
अब्दुल मजीद ने याद दिलाया कि ईरान और इराक के बीच आठ सालों का युद्ध चला था, जो ईरान झेल चुका है. अब्दुल मजीद ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान को भी खारिज किया है, जिसमें ट्रंप ने कहा था कि तेहरीन बातचीत के लिए तैयार है. अब्दुल मजीद ने कहा कि ईरान इस समय किसी वार्ता की इच्छा नहीं रखता. क्योंकि यह जंग अमेरिका की कार्रवाई के बाद शुरू हुआ. ईरान विरोधियों के दबाव में आने वाला नहीं है.
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जंग शुरू होने से पहले पड़ोसी देशों से की अपील
ऊर्जा संकट को लेकर अब्दुल मजीद ने कहा कि यह संकट केवल ईरान तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया में इसका असर पड़ रहा है. जंग को लेकर उन्होंने कहा कि ईरान शुरुआत से ही युद्ध नहीं चाहता था. इसके लिए पड़ोसी देशों से कई बार अपील भी की, कि वे मिलकर इस हालात को रोकने का प्रयास करें. इतना ही नहीं, स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए वैश्विक समुदाय से भी अपील की. बातचीत कर इसे रोका जाए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
