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Waqf Act: 'संविधान के उल्लंघन का ठोस सबूत लाएं, तभी होगा हस्तक्षेप', CJI गवई की वक्फ कानून पर सख्त टिप्पणी

Waqf Act: ‘संविधान के उल्लंघन का ठोस सबूत लाएं, तभी होगा हस्तक्षेप’, CJI गवई की वक्फ कानून पर सख्त टिप्पणी

Waqf Act: CJI गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने स्पष्ट किया कि संसद द्वारा पारित किसी कानून को असंवैधानिक घोषित करने के लिए ठोस और स्पष्ट सबूतों की जरूरत है.
Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट

LIVE: सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बी.आर. गवई ने मंगलवार, 20 मई को वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान एक बड़ी टिप्पणी की. CJI गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने स्पष्ट किया कि संसद द्वारा पारित किसी कानून को असंवैधानिक घोषित करने के लिए ठोस और स्पष्ट सबूतों की जरूरत है. CJI ने कहा- ‘जब तक संविधान के उल्लंघन का स्पष्ट मामला साबित नहीं होता, तब तक अदालत हस्तक्षेप नहीं कर सकती.’

SC की यह टिप्पणी वक्फ (संशोधन) कानून, 2025 के खिलाफ दायर याचिकाओं के जवाब में आई, जिसमें याचिकाकर्ताओं ने दावा किया था कि यह कानून संविधान के बुनियादी ढांचे और धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों का उल्लंघन करता है.

सिलीगुड़ी से मालदा टाउन जा रही पैसेंजर ट्रेन में आग लगने की घटना सामने आई है. कटिहार रेल डिवीजन के गईशाल रेलवे स्टेशन के पास सिलीगुड़ी से मालदा टाउन जाने वाली पैसेंजर के इंजन में आग लगने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. आनन-फानन में रेल प्रशासन की ओर से रेस्क्यू ऑपरेशन की शुरुआत की गई और कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया गया. जहां मालदा कोर्ट-सिलीगुड़ी डीएमयू ट्रेन (07519) के इंजन रूम में आग लग गई. आग की लपटें और धुआं देखकर यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई, और कई यात्री ट्रेन से उतर गए. इस हादसे में किसी के हताहत होने की जानकाररी नहीं है.

आज देश की सर्वोच्च न्यायालय वक्फ (संशोधन) एक्ट, 2025 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई शुरु हुई .

मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई और ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने 15 मई को सुनवाई 20 मई तक स्थगित कर दी थी और कहा था कि वह तीन मुद्दों पर अंतरिम निर्देश पारित करने के लिए दलीलें सुनेंगे. इन मुद्दों में पहला है वक्फ संपत्तियों को डिनोटिफाई करने की शक्ति, जो कि अदालतों, वक्फ-बाय-यूजर या वक्फ डीड द्वारा वक्फ घोषित की गई हैं.

याचिकाकर्ताओं द्वारा उठाया गया दूसरा मुद्दा राज्य वक्फ बोर्डों और केंद्रीय वक्फ परिषद की संरचना से संबंधित है. वहीं, तीसरा मुद्दा एक प्रावधान से संबंधित है, जिसमें कहा गया है कि यदि कलेक्टर ये जांच करता है कि कोई संपत्ति सरकारी जमीन है तो उसे वक्फ संपत्ति नहीं माना जाएगा.

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