Impact of Hormuz blockade on India: मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव की वजह से ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को बंद कर दिया है. ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के बंद होने की वजह से कई देशों में ऊर्जा संकट का खतरा मंडरा रहा है. भारत के लिए यह काफी अहम है, क्योंकि भारत की ऊर्जा सुरक्षा ज्यादातर ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ पर निर्भर है. ऐसे में अगर कुछ और दिनों तक यह रास्ता बंद रहा तो आने वाले दिनों में किल्लत का सामना करना पड़ सकता है. इससे न केवल पेट्रोल-डीजल बल्कि रसोई गैस पर भी प्रभाव पड़ने की संभावना है.
‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ वह क्षेत्र है, जहां से भारत का करीब 40 से 60 प्रतिशत तेल आयात होता है. भारत के अलावा कई देश जैसे इराक, सऊदी अरब, कुवैत और यूएई जैसे बड़े तेल उत्पादक देश भी इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में मिडिल ईस्ट में जारी तनाव से काफी नुकसान की संभावना है. तनाव बढ़ने से ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के रास्ते में जहाजों की आवाजाही रुक जाती है. ऐसे में देश की परिवहन व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो सकती है.
रसोई गैस पर गंभीर संकट की संभावना
पेट्रोल-डीजल के अलावा घरेलू गैस भी एक बड़ी समस्या है, क्योंकि घरेलू गैस (LPG) भी खपत का करीब 80 से 85 प्रतिशत ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के रास्ते भारत पहुंचता है. अगर यह रास्ता अगले कुछ और दिनों तक बंद रहा, तो काफी संकट का सामना करना पड़ सकता है. इसके अलावा एलएनजी भी करीब 50 से 60 प्रतिशत इसी रास्ते से होकर भारत पहुंचती है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से क्या-क्या होता है आयात?
पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस के अलावा भी कई ऐसी चीजें हैं, जो इसी रास्ते से भारत पहुंचती हैं. जिसमें फसलों के उत्पादन के लिए उर्वरक, कपड़े, पेंट, प्लास्टिक की बोतल में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल, पेट्रोकेमिकल उत्पाद, सिंथेटिक टेक्सटाइल, चूना पत्थर, सीमेंट के लिए कच्चा माल और रफ डायमंड्स जैसी चीजें शामिल हैं. इसलिए अगर यह रास्ता नहीं खुलता है, तो भारत को वैकल्पिक व्यवस्था अपनाने की जल्द जरूरत पड़ेगी.
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‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ नहीं खुला तो क्या होगा?
अगर ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ कुछ और दिनों तक बंद रहा तो, भारत को अफ्रीका या फिर अमेरिका जैसे दूर के देशों से सामान मंगाना पड़ सकता है. हालांकि, सरकार इस संकट से निपटने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. अन्य समुद्री रास्तों पर भी बातचीत करने का प्रयास किया जा रहा है. लेकिन ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का फिलहाल पूर्ण रूप से कोई विकल्प मौजूद नहीं है.
