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‘कांग्रेस की दलित विरोधी मानसिकता के कारण ही बसपा बनानी पड़ी’, राहुल गांधी पर भड़कीं मायावती

राहुल गांधी, मायावती

राहुल गांधी, मायावती

UP News: उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायवती ने बहुतजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम के अनुयायियों और समर्थकों को कांग्रेस के खिलाफ सतर्क रहने की सलाह दी है. मायवती की ये नया बयान इस दिनों उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ हैं. मायवती ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा है कि उनकी दलित विरोधी मानसिकता और सोच के कारण ही बसपा का गठन हुआ था. मायवती का कहना है कि कांग्रेस ने कभी भी भीमराव आंबेडकर को उचित सम्मान नहीं दिया और न ही काशीराम के निधन पर एक भी दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया था.

भीमराव आंबेडकर को कभी भी उचित सम्मान नहीं दिया-मायावती

बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा है ‘जैसा कि सर्वविदित है कि कांग्रेस पार्टी ने काफी बर्षो तक केंद्र की सत्ता में रहकर दलितों के महीसा और संविधान के मूल निर्माता परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव आंबेडकर को कभी भी उचित सम्मान नहीं दिया और ना ही उनको भारत रत्न की उपाधि से सम्मानित किया. भला अब यह पार्टी मान्यवर काशीराम जी को कैसे इस उपाधि से सम्मानित कर सकती है.’

एक दिन का भी राष्ट्रीय शोक घोषित नहीं किया-मायावती

मायावती ने आगे लिखा “इसी कांग्रेस पार्टी ने सत्ता में रहते हुए काशीराम जी के देहान्त पर एक दिन का भी राष्ट्रीय शोक घोषित नहीं किया था और नहीं उस समय यूपी की सपा सरकार ने राष्ट्रीय शोक घोषित किया था. इसी प्रकार दूसरी पार्टीयों के हाथों में खेल कर दलित समाज के बने अनेकों संगठन व पार्टियां आदि भी इनके नाम को भुनाने की कोशिश में हमेशा लगी रहती हैं. अब ये सभी पार्टियां आए दिन तरह-तरह के हथकंडे इस्तेमाल कर काशीराम जी द्वारा बनाई गई बीएसपी को कमजोर करने में लगी हुई हैं. इसलिए काशीराम जी के समर्थक हमेशा इन पार्टियों से सचेत रहें, खासकर कांग्रेस पार्टी जरूर सजग रहें. जिसकी दलित विरोधी मानसिकता और सोच की वजह से ही बीएसपी बनानी पड़ी थी.”

मायावती का ये बयान ऐसे समय पर सामने आया है जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शुक्रवार को लखनऊ में काशीराम की जंयती कार्यक्रम में शामिल हुए थे. इस दौरान राहुल गांधी ने कहा था कि ‘अगर जवाहरलाल नेहरू जीवित होते तो काशीराम कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री होते’

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