भवानीपुर बनी बंगाल की सबसे हॉट सीट, ममता के लिए हुमायूं कबीर भी बने चुनौती, ‘मुस्लिम’ दांव से कैसे निपटेंगी सीएम?

Bengal Assembly Election: ममता बनर्जी ने पिछले विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा. इसलिए इस बार ममता बनर्जी ने कोई रिश्क नहीं लेना चाहा और अपनी पारंपरिक सीट भवानीपुर से चुनाव लड़ने का फैसला किया.
Mamata Banerjee

बंगाल की सीएम ममता बनर्जी

Bengal Assembly Election: बंगाल की सत्ता पर 15 साल राज करने वाली ममता बनर्जी भवानीपुर विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में हैं. लेकिन इस बार उनके सामने एक नहीं, बल्कि कई चुनौतियां हैं. अब बड़ा सवाल यह है कि क्या ममता बनर्जी इन चुनौतियों से पार लग पाएंगी? हालांकि, भवानीपुर सीट टीएमसी की दबदबे वाली सीट मानी जाती है. लेकिन इस बार उनका मुकाबला करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से सुवेंदु अधिकारी चुनावी मैदान में हैं, तो वहीं मुस्लिमों के वोट काटने के लिए टीएमसी के पूर्व नेता हुमायूं कबीर ने भवानीपुर से मुस्लिम प्रत्याशी उतार दिया है. ऐसे में ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं, क्योंकि मुस्लिम समुदाया हमेशा ममता बनर्जी को ही वोट करता आया है. अब बड़ा सवाल यह है कि क्या मुस्लिम समुदाय अभी भी ममता बनर्जी को वोट करेगा या फिर हुमायूं कबीर के साथ जाएगा.

बता दें, हुमायूं कबीर को टीएमसी ने पार्टी से निकाल दिया था. जिसके बाद हुमायूं ने अपनी नई पार्टी बनाई और ममता के खिलाफ ही मुस्लिम प्रत्याशी उतारकर चुनावी मैदान को दिलचस्प बना दिया. यानी अब ममता बनर्जी के सामने विपक्ष के तौर पर केवल एक ही प्रत्याशी नहीं रहा, बल्कि हुमायूं की पार्टी का मुस्लिम दांव भी सामने आ गया. ममता बनर्जी के सामने मुस्लिम प्रत्याशी पूनम बेगम चुनौती देने के लिए तैयार है.

नंदीग्राम से पिछले चुनाव में हारीं थी ममता

ममता बनर्जी ने पिछले विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा. इसलिए इस बार ममता बनर्जी ने कोई रिश्क नहीं लेना चाहा और अपनी पारंपरिक सीट भवानीपुर से चुनाव लड़ने का फैसला किया. लेकिन इस सीट पर भी अब चुनौतियां बढ़ते नजर आ रही हैं.

मुस्लिम नेता बनकर उभरे हैं हुमायूं कबीर

हुमायूं कबीर मुस्लिमों के नेता बनकर उभरे हैं. बाबरी मस्जिद को लेकर विवादित बयान दिया था, जिसके बाद से सुर्खियों पर आए. अब बंगाल विधानसभा चुनाव के जरिए मुस्लिमों के बीच सियासी पैठ जमाने की कवायद कर रहे हैं. अगर हुमायूं का मुस्लिम दांव हल्का सा भी काम कर गया तो ममता बनर्जी के लिए राह आसान नहीं होगी. हालांकि, भवानीपुर वह सीट है, जहां से ममता बनर्जी ने 50 प्रतिशत से अधिक वोटों के साथ जीत दर्ज की थी. एक बार फिर भाजपा ने सुवेंदु अधिकारी पर दांव खेला है, तो वहीं हुमायूं कबीर ने मुस्लिम कार्ड चला.

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20 प्रतिशत से ज्यादा हैं मुस्लिम मतदाता

अब ममता बनर्जी के लिए मुस्लिम वोटरों को अपने पाले में शिफ्ट करना एक बड़ी चुनौती होगी. क्योंकि उनके खिलाफ ही मुस्लिम प्रत्याशी मैदान में है, तो वहीं दूसरी ओर टक्कर देने के लिए भाजपा तैयार बैठी है. यानी अब मुकाबला काफी रोचक हो गया है. इस सीट पर अगर मुस्लिम वोटरों की बात की जाए, तो करीब 20 प्रतिशत हैं, जो टीएमसी को कोर वोटर माने जाते हैं. परिणाम चाहे जो भी हों, लेकिन हुमायूं कबीर ने ममता के सामने अपना प्रत्याशी उतारकर चिंता बढ़ा दी है.

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