Bengal Election 2026: बंगाल चुनाव से पहले अभिषेक मनु सिंघवी ने की ममता बनर्जी की तारीफ, कांग्रेस को दी ये सलाह
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी
Bengal Election 2026: चुनाव आयोग ने रविवार, 15 मार्च को पश्चिम बंगाल में मतदान की तारीख की घोषणा कर दी है. बंगाल में दो चरणों में चुनाव होने हैं. ऐसे में सभी दलों ने बंगाल चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी है. बंगाल चुनाव की घोषणा होते ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने अपनी पार्टी को नसीहत दी है और ममता बनर्जी की खूब तारीफ की है. इसके साथ ही कांग्रेस और टीएमसी के गठबंधन की बात कही है. जानें अभिषेक मनु सिंघवी ने क्या कहा?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस-टीएमसी गठबंधन पर अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा “यह मेरे स्तर पर तय नहीं होता. हमारी पार्टी में सिर्फ तीन-चार लोग ही ऐसे फैसले लेते हैं. आखिर क्या फैसला लिया जाएगा, यह मैं नहीं कह सकता. मेरा निजी विचार यह है कि चूंकि चुनाव अब बहुत नजदीक हैं, इसलिए हमारे पास सीटों के उचित बंटवारे के आधार पर गठबंधन बनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है. लेकिन यह पूरी तरह से मेरी निजी राय है. औपचारिक रूप से स्वीकार किए जाने तक इसकी कोई वैधता नहीं है.”
IANS Exclusive
— IANS (@ians_india) March 16, 2026
Delhi: Congress Rajya Sabha MP Abhishek Manu Singhvi says, "…In Bengal, if there is any leader who has entered the psyche of the local population, it is Mamata Banerjee. You may like her or oppose her, that’s not the point. Nor is it necessary that you agree… pic.twitter.com/3w8JGyGyZ8
ममता बनर्जी को लेकर क्या बोले राज्यसभा सांसद?
ममता बनर्जी को लेकर उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी में आज भी बहुत ताकत, ऊर्जा और गतिशीलता है. उनके पास दिशा और गति है, और वे वहां की जनता की नब्ज़ समझती हैं. भारत के राजनीतिक नेताओं में, विशेषकर महिलाओं में, आंदोलन की राजनीति में कोई भी उनका मुकाबला नहीं कर सकता. इसीलिए मुझे लगता है कि यह माहौल जानबूझकर बनाया जा रहा है.”
ममता बनर्जी जनता के दिलों में बसीं- सिंघवी
उन्होंने आगे कहा, “बंगाल में अगर कोई नेता स्थानीय जनता के दिलों में बस गया है, तो वो ममता बनर्जी हैं. आप उन्हें पसंद करें या नापसंद करें, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. यह भी जरूरी नहीं कि आप उनकी हर बात से सहमत हों. लेकिन वो समझती हैं कि बंगाल की संस्कृति और विरासत का स्पंदन उनकी रगों में दौड़ता है. इससे निश्चित रूप से खूब शोर-शराबा और प्रचार होगा.”