Dhurandhar 2 Review: रणवीर सिंह की धांसू परफॉर्मेंस, आदित्य धर का शानदार डायरेक्शन, तालियां बजाने को मजबूर कर देगा हर सीन

मेजर इकबाल के रूप में अर्जुन रामपाल सबसे बड़े विलेन बनकर उभरे हैं. बहुत ही खतरनाक विलेन हैं. पार्ट वन में जो अक्षय खन्ना ने काम किया था, बिल्कुल वैसा ही है.
Dhurandhar 2 Review

धुरंधर 2

Dhurandhar 2 Review: 19 मार्च 2026 के बाद से हिंदुस्तानी सिनेमा का एक नया चैप्टर लिखा जाएगा. एक नया अध्याय शुरू हो जाएगा और लोगों को यह भी पता चल जाएगा कि मॉडर्न जमाने में हिंदुस्तानी सिनेमा में Absolute सिनेमा कैसे बनाया जाता है. क्यों ऐसा होगा यह बता देता हूं क्योंकि मैं देख के आ गया हूं धुरंधर 2 यानी ‘धुरंधर दी रिवेंज’. जिसका पहला शो सवा घंटे देर से शुरू हुआ. बहुत विवाद हुआ पूरे देश भर में. लेकिन फाइनली सवा घंटे बाद जब हमने देखा तो ऐसा लगा कि क्या हो रहा है ये. मैं सीरियसली अब तक उससे बाहर नहीं आ पाया हूं. हमने 5:00 बजे का शो देखा जो तकरीबन 10:30 बजे खत्म हुआ और हम अब तक उसके विजुअलाइजेशन से बाहर नहीं आ पाए हैं. आते ही आपके लिए रिव्यू कर रहे हैं. क्योंकि ये ऐसा कुछ बना है जिसे देख के आप चौंक जाएंगे. चमत्कृत महसूस करेंगे, ऐसा महसूस करेंगे कि ये क्या चल रहा है…

फिल्म की कहानी क्या है?

फिल्म की कहानी वहीं से शुरू होती है जहां से पार्ट वन खत्म हुआ था. लेकिन यहां कहानी फ्लैशबैक में जाएगी. बताया जाएगा कि हमजा अली मजारी यानी रणवीर सिंह जसकीरत सिंह रांगी थे और उससे हमजा अली मजारी कैसे बने? कैसे उनको कन्वर्ट किया गया उनको हमजा अली मजारी के रूप में. एक ऐसा फौजी जो पाकिस्तान में घुसकर भारत के लिए काम कर रहा है और भारत के दुश्मनों का सर्वनाश करेगा. हमजा उनका सर्वनाश कर पाएगा या नहीं, यही पूरी फिल्म की कहानी है जिसे 8 चैप्टर्स में बुना गया है.

एक्टिंग परफॉरमेंस

भाई रणवीर सिंह, इस आदमी को कोई भी कैरेक्टर दे दो, यह उसमें पूरी तरह कमाल करता है. क्या एक्टिंग की है इस बंदे ने. स्क्रीन प्रेजेंस जो एक आजकल मॉडर्न टर्म चल रहा है जिसे Aura Farming कहते हैं. बकायदा Aura Farming लगती है जब ये बंदा स्क्रीन पर आता है. उनका खिलजी वाला रूप याद आ जाएगा जब वो मारकाट मचाते हैं. इसके अलावा जो यलीना है यानी कि सारा अर्जुन वो पहले ही नेशनल क्रश बन चुकी है. पूरी तरह से किरदार के साथ न्याय किया है. पहले पार्ट में भी बहुत अच्छी लगी थी, इसमें भी काफी अच्छी लगी है. आर माधवन अभय सानियाल यानी कि अजीत डोभाल से इंस्पायर्ड कैरेक्टर है उनका. बहुत कमाल काम किया है. लगता ही नहीं है कि आर माधवन हैं. उनमें अजीत डोभाल सर की झलक नजर आती है.

इसके अलावा मेजर इकबाल के रूप में अर्जुन रामपाल सबसे बड़े विलेन बनकर उभरे हैं. बहुत ही खतरनाक विलेन हैं. पार्ट वन में जो अक्षय खन्ना ने काम किया था, बिल्कुल वैसा ही है. अर्जुन रामपाल यहां इफेक्ट छोड़ कर जाते हैं. संजय दत्त एस एसपी चौधरी असलम बहुत शानदार लगे हैं. जब सिगरेट पीते हुए स्क्रीन पर चलते हैं तो सचमुच आपको 90s वाले संजय दत्त याद आ जाते हैं. जो ऑरा वो स्क्रीन पे लेके आते थे. और राकेश बेदी को हमें बिल्कुल नहीं भूलना चाहिए. क्या कमाल करते हैं और एक इतना बड़ा सरप्राइज छोड़ के जाते हैं फिल्म में कि आप हैरान रह जाएंगे. इसके अलावा जितने भी कलाकार हैं सब ने बा-कमाल काम किया है. किरदारों के साथ न्याय किया है.

डायरेक्शन

डायरेक्शन की बात करें और स्टोरी राइटिंग की बात करें, तो आदित्य धर को खुद भी अंदाजा शायद था ही कि उन्होंने क्या बनाया है. इसलिए वो सबसे इंतजार करने के लिए कह रहे थे. हर सीन उन्होंने ऐसा लिखा है, स्क्रिप्ट ऐसी लिखी है जो आपको कस के रखती है सीटों से। उठ-उठ के आपको सीटी बजाने पर, ताली बजाने पर मजबूर कर देगी. लगभग हर सीन में आपके मन में आएगा कि मैं उठ के सीन में बोलूं-भारत माता की जय. आदित्य धर ने सभी कलाकारों से उनका पूरा पोटेंशियल निकलवा के जो काम किया है मजा ही आ जाता है. इसलिए कहा जाए तो इस फिल्म में धुरंधर तो आदित्य धर ही हैं.

म्यूजिक और बैकग्राउंड म्यूजिक

बैकग्राउंड म्यूजिक और म्यूजिक की बात करें तो बैकग्राउंड म्यूजिक पिछले पार्ट की तरह ही पुराने गानों का शानदार इस्तेमाल करके बनाया गया है. जब म्यूजिक एल्बम रिलीज हुआ था. सारे गाने उतने पसंद नहीं आए. बस ‘आरी आरी’ गाना जो था उसका क्या शानदार यूज़ किया है और जो बैकग्राउंड म्यूजिक है उसको सिनेमा हॉल के लिए ही बनाया गया है. अब ओटीटी पर आने का इंतजार क्यों करना… साउंड इफेक्ट के साथ सिनेमा हॉल में ये मूवी देखने का अलग ही मजा होगा.

ओवरऑल कैसी है फिल्म?

ओवरऑल फिल्म की बात करें, तो फिल्म ऐसी बनी है कि सच में आप सीटियां और तालियां मारेंगे. मैंने एक सिनेमा लवर के तौर पर इस फिल्म को देखा है और एक-एक फ्रेम से मैं एंटरटेन हुआ हूं और मेरे आसपास जो लोग बैठे थे, वो सब बिल्कुल एंटरटेन हुए हैं. ऐसी फिल्में और बननी चाहिए लेकिन हां, कई लोग इसके बाद कहेंगे कि भाई ये तो प्रोपोगेंडा फैलाने वाली फिल्म है. लेकिन ऐसे ऐसे सरप्राइजेस आपको इस फिल्म में मिलने वाले हैं कि दिमाग हिला के रख देंगे.

आप सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि हिंदुस्तान के खिलाफ पाकिस्तान कैसी-कैसी साजिशें करके बर्बाद करने का ख्वाब देखता है और कौन-कौन से दुश्मन थे, ये एक-एक दुश्मन जब पता चलेगा तो आपकी आंखें फटी रह जाती हैं. इसलिए जल्दी से जाना है क्योंकि फिल्म फुल ऑफ सरप्राइजेस है. और हां… एंड क्रेडिट्स वाला सीन बिल्कुल मत छोड़िएगा. यह एक हल्का सा स्पॉइलर है क्योंकि देना पड़ेगा. एंड क्रेडिट्स में कुछ ऐसा है जो बिल्कुल हैरान कर देंगी. सिनेमा हॉल में फिल्म 18 प्लस है और A सर्टिफिकेट है… तो आप मूवी देखने कब जा रहे हैं?

Rating- 4.5 Stars

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