Bidi Bihar Controversy: बीजेपी को ये ट्वीट बिल्कुल रास नहीं आया. प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने तुरंत मोर्चा संभाला और इसे बिहार और बिहारियों का अपमान बता दिया. उन्होंने कहा, "कांग्रेस की बिहार विरोधी मानसिकता फिर सामने आ गई. पहले पीएम मोदी की मां पर भद्दी टिप्पणी और अब बिहार की तुलना बीड़ी से?
Pilibhit Wife Fight for Samosa: एक मामूली समोसा न लाने की बात ने पति-पत्नी के बीच इतना बड़ा विवाद खड़ा कर दिया कि मामला पंचायत तक पहुंच गया. पत्नी ने अपने मायके वालों को बुलाकर पति और सास की जमकर पिटाई कर दी.
Criminal Case Against MP: एडीआर की रिपोर्ट में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके सहयोगी दलों की स्थिति भी सामने आई है, जो राजनीतिक तंत्र में जवाबदेही और नैतिकता पर सवाल खड़े करती है.
Bihar Migrant Laborers: पंजाब में आई बाढ़ ने खेतों को जलमग्न कर दिया, जिससे बिहार से आए प्रवासी मजदूर काम नहीं कर पा रहे हैं. उनकी कमाई ठप हो गई है और परिवार चलाने की जिम्मेदारी ने उन्हें गहरे संकट में डाल दिया है.
Delhi Flood Crisis: मौसम विभाग के 5 सितंबर के लिए बारिश के अलर्ट ने चिंता बढ़ा दी है. लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की जा रही है.
Bihar News: बिहार की राजनीति को करीब से देखने वाले कहते हैं कि लालू पप्पू यादव को माफ नहीं कर सकते हैं. यही वजह रही कि 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की सीट होते हुए भी पूर्णिया से अपना उम्मीदवार उतार दिया
Sonia Gandhi Indian Citizenship: सोनिया गांधी भारतीय राजनीति का एक बड़ा नाम हैं. वह लंबे समय तक कांग्रेस की अध्यक्ष रही हैं और यूपीए सरकार के दौरान उनकी अहम भूमिका थी. ऐसे में उनके खिलाफ इस तरह का आरोप न सिर्फ सियासी हलकों में हलचल मचा रहा है, बल्कि आम लोगों के बीच भी यह सवाल उठ रहा है कि क्या वाकई कोई गड़बड़ी हुई थी?
जोगबनी के अलावा, पंजाब का अटारी रेलवे स्टेशन भी एक समय में ऐसा ही रोमांचकारी ठिकाना था. यह स्टेशन पाकिस्तान की वाघा सीमा से मात्र 3 किलोमीटर दूर है. पहले यहां से समझौता एक्सप्रेस चलती थी, जो पुरानी दिल्ली से वाघा बॉर्डर तक जाती थी.
वहीं परिषद ने यूपी के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के खिलाफ भी मोर्चा खोला है. राजभर ने पुलिस की लाठीचार्ज की कार्रवाई को सही ठहराया था और कहा था कि अराजकता नहीं फैलानी चाहिए.
जीएसटी हटने से पॉलिसीधारकों को तो फायदा होगा, लेकिन बीमा कंपनियों के लिए एक छोटी सी चुनौती भी है. पहले कंपनियां ग्राहकों से लिया गया जीएसटी अपने खर्चों, जैसे ऑफिस का किराया, मार्केटिंग, एजेंट कमीशन पर चुकाए गए टैक्स से समायोजित कर लेती थीं. अब जीएसटी खत्म होने से उन्हें यह इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) नहीं मिलेगा.