CG News: 15 नक्सलियों ने समर्पण की इच्छा जताते हुए डिप्टी सीएम को पत्र लिखा है. इन नक्सलियों के नामों की लिस्ट सामने आई है. इनमें 14 नक्सली छत्तीसगढ़ और एक नक्सली तेलंगाना से है.
दिग्विजय सिंह ने कहा, 'कांग्रेस ने कभी नक्सलवाद का समर्थन नहीं किया. नक्सली हिंसा का प्रतीक हैं. नक्सलियों के रास्ते सही हो सकते हैं, लेकिन रास्ते गलत हैं.'
MP News: कांग्रेस का आरोप है कि तूता क्षेत्र में लगाए गए अधिकांश पेड़ उनके शासनकाल में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से लगाए गए थे. पार्टी का कहना है कि भाजपा सरकार विकास के नाम पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही है.
CG Vidhansabha Budget Session: बजट सत्र के तीसरे दिन की कार्यवाही में कांग्रेस विधायक अनिला भेड़िया के सवाल पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि SIR प्रक्रिया में शिक्षकों की ड्यूटी से बच्चों की पढ़ाई पर कोई बाधा नहीं आई है. उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि मतदाता सूची के लिए SIR प्रक्रिया में 18,198 शिक्षक कार्यरत हैं.
Raipur: राजधानी रायपुर में बढ़ते ट्रैफिक और रोज-रोज लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए रायपुर ट्रैफिक पुलिस ने लेफ्ट टर्न फ्री नियम को सख्ती से लागू करने का फैसला लिया है. अब अगर आपको किसी चौराहे से बाएं मुड़ना है, तो आपको सिग्नल के ग्रीन होने का इंतजार करने की जरूरत नहीं है. अगर रास्ता साफ है, तो रेड सिग्नल में भी आप आराम से लेफ्ट टर्न ले सकते हैं.
CG High Court: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं. पुलिस ईमेल की सत्यता की जांच कर रही है. बम और डॉग स्क्वॉड टीमों ने पूरे परिसर की सघन तलाशी की.
Raipur: छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 24 फरवरी को 1.72 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया. वहीं इस बजट में रायपुर में नए फ्लाईओवर बनाने के लिए भी करोड़ों का प्रावधान रखा गया है.
CG Budget Session: छत्तीसगढ़ विधानसभा में कार्यरत गिग वर्करों की स्थिति और उनके अधिकारों को लेकर अजय चंद्राकर ने सरकार से कई सवाल पूछें. साथ ही गिग वर्करों के लिए श्रम कानून का मुद्दा भी उठाया.
CG News: छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए जरूरी खबर है. जहां सरकारी स्कूलों में 9वीं और 11वीं कक्षा के वार्षिक परीक्षा का टाइम टेबल अचानक जारी कर दिया गया है.
CG High Court: हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने रेलवे भूमि से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में स्पष्ट करते हुए कहा है कि बिना वैध और नवीनीकृत लीज के रेलवे जमीन पर कब्जा रखने का कोई अधिकार नहीं है.