उत्तर प्रदेश में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के मुद्दे पर लगातार दो अधिकारियों के इस्तीफे के बाद नौकरशाही में हलचल तेज हो गई है. खास बात ये है कि जहां एक अधिकारी ने सरकार को ब्राह्मण विरोधी बताते हुए आरोप लगाया है, वहीं दूसरे अधिकारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में इस्तीफा दिया है.
मध्य प्रदेश प्रगतिशील ब्राह्मण महिला संगठन की अध्यक्ष वर्षा त्रिवेदी ने कहा, 'संविधान का मतलब समान विधान है. लेकिन सामान्य वर्ग के साथ इतनी असमानता क्यों की जा रही है.'
अचानक फिल्मी अंदाज कार की सीढ़ियों पर ऊपर-नीचे होने पर हड़कंप मच गया. शुरू में तो लोगों को लगा कि कार से स्टंटबाजी की जा रही है. लेकिन बाद में पता चला कि सच में कार सीढ़ियों पर फंस गई है. हालांकि गनीमत रही कि इस दौरान किसी को भी चोट नहीं लगी.
विधानसभा की कार्रवाई लाइव ना दिखाने को लेकर भी उमंग सिंघार ने सरकार पर हमला बोला है. सिंघार ने कहा, 'बीजेपी सरकार विधानसभा की कार्रवाई का लाइव टेलीकास्ट क्यों नहीं करना चाहती है. सरकार लाइव कार्रवाई दिखान से क्यों डरती है.
घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है. पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा. हालांकि महिला के साथ इस तरह चेन स्नेचिंग की घटना के बाद एक बार फिर भोपाल एम्स की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं.
बैंक कर्मचारी हफ्ते में 2 दिन छुट्टी यानी सिर्फ 5 दिन काम करने की मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे हैं.
गोरखपुर महोत्सव के दौरान रवि किशन और पवन सिंह एक साथ दिखे थे. इस दौरान रवि किशन ने जहां पवन सिंह की तारीफ की तो वहीं दूसरी ओर खेसारी लाल का नाम लिए बगैर उनके ऊपर जमकर निशाना साधा था.
आतंकियों की फैक्ट्री चलाने वाले पाकिस्तान का ड्रामा अभी तक पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक टी20 क्रिकेट विश्वकप में पाकिस्तान भारत के खिलाफ होने वाले ग्रुप मुकाबले को ना खेलने की प्लानिंग कर रहा है.
कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा, 'राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष हैं. नेता प्रतिपक्ष को शैडो प्रधानमंत्री भी कहा जाता है. नेता प्रतिपक्ष का एक प्रोटोकॉल होता है. ऐसा कभी नहीं हुआ है, जब इस तरह के कार्यक्रम हों तो मुख्य विपक्षी दल के नेता को दूसरी या तीसरी लाइन बिठाया गया हो.'
अलंकार अग्निहोत्री ने पत्र में आगे लिखा, ' 'महोदया इस वर्ष 2026 के प्रयागराज में माघ मेले में मौनी अमावस्या के स्नान के दौरान जोतिष पीठ ज्योर्तिमठ के शंकराचार्य श्री अविमुक्तेश्वरानन्द और उनके शिष्यों को स्थानीय प्रशासन ने मारपीट की. बटुक ब्राह्वाण को जमीन पर गिराकर उसकी सिखा को हांथ से घसीटकर पीटा गया और उसकी मर्यादा का हनन किया गया.