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क्या है छत्तीसगढ़ की ‘गौधाम योजना’? जिसमें चरवाहों-गौ सेवकों को मिलेंगे पैसे, इस दिन से होगी शुरू

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छत्तीसगढ़ की 'गौधाम योजना'

CG News: छत्तीसगढ़ में 14 मार्च से गौवंश संरक्षण को लेकर नई पहल शुरू होने जा रही है.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बिलासपुर जिले के तखतपुर के लाखासार से गौधाम योजना का शुभारंभ करेंगे. इस योजना का मुख्य उद्देश्य आवारा पशुओं को सुरक्षित आश्रय देना और अवैध तस्करी पर अंकुश लगाना बताया जा रहा है..सरकार के मुताबिक तस्करी विरोधी अभियानों के दौरान पुलिस द्वारा जब्त की गई गायों को भी गौधाम में रखा जाएगा.

क्या है छत्तीसगढ़ की ‘गौधाम योजना’?

छत्तीसगढ़ में 14 मार्च से गौधाम योजना की शुरुआत होने जा रही है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बिलासपुर जिले के तखतपुर के लाखासार से गौधाम योजना का शुभारंभ करेंगे.

चरवाहों-गौ सेवकों को मिलेंगे पैसे

चरवाहों और गौसेवकों को हर महीने मिलेगी इतनी राशि इस गौधाम योजना के अंतर्गत चरवाहों को प्रतिमाह 10,916 रुपए और गौसेवकों को 13,126 रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। इसके साथ ही मवेशियों के चारे के लिए भी प्रतिदिन निर्धारित राशि प्रदान की जाएगी। उत्कृष्ट गौधाम को वहां रहने वाले प्रत्येक पशु के लिए पहले साल 10 रुपए प्रतिदिन, दूसरे वर्ष 20 रुपए प्रतिदिन, तीसरे वर्ष 30 रुपए प्रतिदिन और चौथे वर्ष 35 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से राशि दी जाएगी। योजना के लिए बजट, नियम और शर्तें तय कर दी गई हैं ताकि संचालन में किसी तरह की परेशानी न हो।

गौवंश की समस्याओं के लिए है योजना – रामविचार नेताम

राज्य के कृषि मंत्री रामविचार नेताम का कहना है कि बीजेपी सरकार ने गौवंश की समस्याओं के समाधान के लिए बजटीय व्यवस्था की है. उनका आरोप है कि पिछली सरकार की गोधन न्याय योजना केवल कागजों तक सीमित रही. मंत्री रामविचार नेताम के मुताबिक सरकार हर एक पशु की गणना कर उसके लिए बेहतर व्यवस्था तय करेगी.

कांग्रेस ने लगाए आरोप

दरअसल, गौवंश को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति पहले भी गरमाती रही है. कांग्रेस सरकार की गोधन न्याय योजना को बीजेपी लगातार निशाने पर लेती रही और अब सत्ता में आने के बाद बीजेपी अपनी नई योजना के जरिए अलग मॉडल पेश करने की तैयारी में है. हालांकि विपक्ष इस योजना को लेकर सवाल भी उठा रहा है.

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