Vistaar NEWS

Jagdalpur: जहां देश का सबसे बड़ा कुख्यात नक्सली बासवराजू मारा गया, वहां जवानों ने खोला कैंप, तस्वीरें आई सामने

Jagdalpur

जवानों ने खोला कैंप

Jagdalpur: नक्सलियों के सेंट्रल कमेटी के शीर्ष नेताओं का सुरक्षित ठिकाना माने जाने वाले नारायणपुर जिले का दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र ‘दिवालूर’ में पुलिस और सुरक्षा बलों ने नवीन सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप खोल दिया है. यह वही इलाका है, जहां पूर्व में कुख्यात माओवादी बसवाराजू को जवानों ने ढेर किया था.

नारायणपुर के दिवालूर में सुरक्षा बलों ने माओवादी संगठन सीपीआई (माओवादी) के महासचिव और सबसे कुख्यात नक्सली नेता नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू को मार गिराया था.

जहां बासवराजू मारा गया, वहां जवानों ने खोला कैंप

बस्तर आईजी पी. सुन्दराज ने बताया कि नारायणपुर जिले अन्तर्गरत माड़ क्षेत्र का दिवालूर नक्सलियों के पोलित ब्यूरो मेम्बर, सीसी मेंबर सहित बड़े नक्सल लीडरों का गढ़ रहा है. वर्ष 2026 में नारायणपुर पुलिस द्वारा स्थापित यह सातवां कैंप है, जो अबूझमाड़ को नक्सल मुक्त करने की दिशा में ‘अंतिम कील’ के रूप में देखा जा रहा है. माड़ बचाव अभियान’ के तहत स्थापित इस कैंप से दशकों से अलग-थलग पड़े अबूझमाड़ के अंदरूनी क्षेत्रों को अब विकास की मुख्य धारा से जोड़ा जाएगा. दिवालूर कैंप के माध्यम से कांदुलनार, ओरछा, एडजुम, इडवाया, आदेर, कुडमेल, बोटेर और कुमनार एक्सिस तक सड़क निर्माण कार्यों को सुरक्षा मिलेगी.

ये भी पढ़ें- LPG Crisis: नवरात्र से पहले सिलेंडर की किल्लत, डोंगरगढ़ में व्यवसायियों ने दी होटल बंद करने की चेतावनी, SDM ऑफिस का किया घेराव

ग्रामीणों में दिखा उत्साह

नया कैंप जिला मुख्यालय से 96 किमी और थाना ओरछा से 36 किमी दूर स्थित है. इस ऑपरेशन को सफल बनाने में नारायणपुर पुलिस, डीआरजी, बस्तर फाइटर्स सहित आईटीबीपी की 38वीं, 44वीं, 41वीं, 45वीं, 53वीं और 29वीं वाहिनी के जवानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. दिवालूर में सुरक्षा बलों की मौजूदगी से स्थानीय ग्रामीणों रेकापारा, कुमनार, गुण्डेकोट, लेकवाडा आदि) में सुरक्षा का भाव जागा है. विकास कार्यों के पहुंचने की उम्मीद में ग्रामीणों में काफी उत्साह देखा जा रहा है.

Exit mobile version