IPL 2026: चोटिल होकर बाहर होने पर क्या खिलाड़ियों को मिलेगा पूरा पैसा? जानें BCCI का नियम
आईपीएल 2026
IPL 2026: इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीजन को लेकर उल्टी गिनती शुरू हो गई है. 28 मार्च से शुरू होने वाली इस टी20 लीग से पहले एक बड़ा सवाल चर्चा में है कि अगर कोई खिलाड़ी टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही चोटिल होकर पूरे सीजन से बाहर हो जाता है, तो क्या उसे पूरी सैलरी मिलती है? आइए जानते हैं इसपर बीसीसीआई का क्या नियम है…
क्या है BCCI के नियम?
दरअसल, आईपीएल में खिलाड़ियों की सैलरी सिर्फ फ्रेंचाईजी पर निर्भर नहीं होती, बल्कि इसके लिए बीमा कवर भी मौजूद होता है. यदि कोई भारतीय खिलाड़ी, जो बीसीसीआई के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में शामिल है और टूर्नामेंट शुरू होने से पहले या दौरान चोटिल होकर बाहर हो जाता है, तो उसकी पूरी सैलरी सुरक्षित रहती है. ऐसे मामलों में खियाड़ियों को भुगतान बीमा पॉलिसी के तहत किया जाता है.
उदाहरण के लिए भारतीय तेज गेंदबाज हर्षित राणा इन दिनों चोटिल चल रहे हैं, जिसके कारण वह आईपीएल 2026 के पूरे सीजन से बाहर हो गए हैं. लेकिन इसके बावजूद उन्हें पूरा पैसा यानी 4 करोड़ रूपये मिलेंगे. यह पैसे उन्हें उनकी फ्रेंचाईजी केकेआर नहीं बल्कि बीसीसीआई देगी. बीसीसीआई के नियमों के मुताबिक, सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में शामिल खिलाड़ियों के लिए बीसीसीआई बीमा पॉलिसी लागू हो जाती है
यह भी पढ़ें: ईरान-इजरायल युद्ध के बीच ECB की बड़ी टेंशन, ड्यूक्स गेंदों की हुई कमी, अब क्या करेगा बोर्ड?
सभी खिलाड़ियों के लिए सामान्य नहीं नियम
हालांकि, सभी खिलाड़ियों के लिए नियम समान नहीं हैं, और न ही आईपीएल फ्रेंचाईजी चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हुए खिलाड़ी को पैसा देने के लिए बाध्य होती हैं. जो खिलाड़ी बीसीसीआई के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का में शामिल नहीं हैं या विदेशी खिलाड़ी हैं, उन्हें उनकी उपलब्धता के आधार पर भुगतान किया जाता है. यानी वह जीतने मैचों के लिए टीम में उपलब्ध रहे, उस हिसाब से उन्हें सैलरी दी जाएगी.
उठाना पड़ेगा इलाज का खर्च
इसके अलावा अगर कोई खिलाड़ी सीजन के बीच में कुछ मैच खेलने के बाद चोटिल होता है, तो फ्रेंचाईजी उसे कुछ पैसा देगी. वहीं, अगर कोई खिलाड़ी सीजन के दौरान ही इंजर्ड हो जाता है, तो फ्रेंचाईजी को उसके इलाज का भी खर्चा उठाना पड़ेगा.