क्या है AIC की ‘कृषि सखी’ योजना? जानिए कैसे मिलेगी महिला किसानों को आर्थिक सुरक्षा

Krishi Sakhi Scheme: AIC के अनुसार, इस पहल को कामयाब बनाने के लिए उनके हेड ऑफिस और क्षेत्रीय ऑफिस में एक महीने तक कई प्रोग्राम चलाए जाएंगे. इन कार्यक्रमों का असली मकसद महिला किसानों को जागरूक करना और उन्हें बताना है कि फसल का बीमा करवाना क्यों जरूरी है.
Krishi Sakhi scheme

कृषि सखी स्कीम

Krishi Sakhi Scheme: भारत सरकार लगातार नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा देने पर काम कर रही है. केंद्र सरकार महिलाओं के लिए कई ऐसी योजनाएं चला रही है, जिनके तहत जरूरतमंद महिलाएं आर्थिक और मानसिक दोनों रूप से मजबूत बन रही हैं. आज कृषि सेक्टर में पुरुषों से ज्यादा महिलाओं की भागीदारी देखी जा रही है. हाल ही में सरकारी बीमा कंपनी ‘एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड’ (AIC) ने देश की महिला किसानों को कृषि क्षेत्र में बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘कृषि सखी’ पहल की शुरुआत की है. इस योजना के तहत न केवल महिला किसानों की पहचान बढ़ेगी, बल्कि उन्हें कृषि और फसल बीमा से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त भी बनाया जाएगा.

जानिए क्या है ‘कृषि सखी’ योजना?

  • ‘कृषि सखी’ पहल विशेष रूप से महिला किसानों के लिए शुरू की गई है.
  • इस पहल के तहत देश की महिला किसानों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी साथ ही उन्हें सशक्त और जागरूक बनाया जाएगा.
  • ‘कृषि सखी’ योजना के जरिए महिला किसानों को खेती से जुड़े आधुनिक तरीकों, फसल बीमा योजनाओं और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की जानकारी दी जाएगी.
  • पीटीआई (PTI) के अनुसार, AIC का मानना है कि इस पहल के तहत महिला किसानों को कृषि के बारे में न केवल सही जानकारी मिल सकेगी, बल्कि उन्हें जरूरी संसाधन भी मिलेंगे, जिससे वे कृषि क्षेत्र में नई क्रांति ला सकती हैं.

महिला किसानों के लिए सरकार का बड़ा कदम

सच तो यह है कि भारत में बहुत सी महिलाएं खेती-किसानी का काम करती हैं, लेकिन उन्हें न तो वह पहचान मिल पाती है और न ही जरूरी सुविधाएं. ‘कृषि सखी’ योजना इसी कमी को दूर करने की एक कोशिश है. इसके जरिए महिलाओं के काम को सम्मान दिया जाएगा और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बढ़ावा मिलेगा. यह पहल महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा करने की दिशा में एक बड़ा और जरूरी कदम साबित होगी.

कार्यक्रम में क्या ट्रेनिंग दी जाएगी?

AIC के अनुसार, इस पहल को कामयाब बनाने के लिए उनके हेड ऑफिस और क्षेत्रीय ऑफिस में एक महीने तक कई प्रोग्राम चलाए जाएंगे. इन कार्यक्रमों का असली मकसद महिला किसानों को जागरूक करना और उन्हें बताना है कि फसल का बीमा करवाना क्यों जरूरी है. साथ ही उन्हें आसान भाषा में यह भी सिखाया जाएगा कि मुसीबत या नुकसान के समय बीमा योजनाएं किस तरह उनकी आर्थिक मदद कर सकती हैं और उनका घाटा कम कर सकती हैं.

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कृषि सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर महिला किसानों को सही ट्रेनिंग और सुविधाएं मिलें तो वे खेती की तस्वीर बदल सकती हैं. ‘कृषि सखी’ पहल इसी सोच के साथ महिलाओं को सम्मान और नए मौके देने के लिए शुरू की गई है. इससे न केवल महिलाओं की हालत सुधरेगी, बल्कि देश की खेती-किसानी को भी बड़ा फायदा होगा. आने वाले समय में यह कोशिश ग्रामीण भारत में एक बड़ा बदलाव ला सकता है.

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