इजरायल के हमलों से बौखलाया ईरान, कर दिया कतर के गैस प्लांट पर अटैक, भारत की बढ़ी टेंशन, अब क्या होगा?

Iran Attack on Qatar: ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के बाद तेल और गैस से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला करना शुरू कर दिया है.
Iran Attacks Qatar Gas facility

ईरान ने कतर के तेल-गैस इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला कर दिया.

Iran Attack on Qatar Gas LNG facility: मिडिल ईस्ट में जारी जंग रुकने का नाम नहीं ले रही है, बल्कि बढ़ती ही जा रही है. हाल ही में ईरान के कई टॉप अधिकारी इस हमले में मारे गए, जिसके बाद ईरान बौखला गया है. अब ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के बाद तेल और गैस से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला करना शुरू कर दिया है. हालांकि ईरान ने पहले ही कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात को ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाने की चेतावनी दे चुका था.

ईरान ने कतर के रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी में स्थित बड़े गैस प्लांट पर मिसाइल हमला कर दिया, जिसकी वजह से पूरे इलाके में आग लग गई और उत्पादन रोकना पड़ा. कतर में यह हमला ऐसे समय पर हुआ, जब इजरायल ने ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमला किया. ईरान के इस हमले का असर दुनियाभर में दिखाई देगा. इसके साथ ही भारत पर भी इसका काफी प्रभाव पड़ने वाला है.

भारत पर दिखेगा असर

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कतर दुनियाी का सबसे बड़ा एलएनजी सप्लायर देश है. ऐसे में कतर के गैस प्लांट पर हमले का असर विश्व में दिखाई देगा. तेल और गैस की कीमतें आसमान छू सकती हैं. खासतौर पर इसका सबसे ज्यादा असर भारत पर देखने को मिल सकता है. क्योंकि भारत यहां से करीब 47 प्रतिशत गैस आयात करता है. यानी भारत की कुल 27 मिलियन टन एलएनसी में से अकेले 12 से 13 मिलियन टन कतर से आती है.

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भारत के पास क्या है विकल्प?

कतर में ईरानी हमले से भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में अगर काफी लंबे समय तक कतर में गैस उत्पादन प्रभावित रहता है, तो भारत को दूसरे देशों से गैस खरीदनी पड़ेगी, जो काफी महंगी पड़ेगी. अगर महंगी गैस खरीदी जाएगी, तो महंगी बेची भी जाएगी. इसका सीधा असर आम लोगों में देखने को मिलेगा. इसके साथ ही भारत की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ेगा. फिलहाल, भारत विकल्प खोजने के लिए तैयारी कर रहा है. ताकि गैस की सप्लाई चालू हो सके और किल्लत से बचा जा सके.

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