MP News: रायसेन किले में रमजान पर तोप चलाने पर रोक, मानवाधिकार आयोग ने कहा- दोबारा घटना हुई तो कलेक्टर पर होगी कार्रवाई

प्रियंक कानूनगो ने कहा, 'तोप चलाने का लाइसेंस देने का अधिकार किसी के पास नहीं है. कलेक्टर भी तोप चलाने का अधिकार नहीं दे सकता है. इस तरह की घटना दोबारा होती है तो जिला कलेक्टर और एसडीएम पर कार्रवाई की जाएगी.'
The Human Rights Commission team conducted an inspection in the case of cannon firing in Raisen Fort.

रायसेन किले में तोप चलाने के मामले में मानवाधिकार आयोग की टीम ने निरीक्षण किया.

MP News: मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित किले की पहाड़ी पर तोप चलाने के मामले में राष्ट्रीय मानव अधिकारी की टीम गुरुवार को निरीक्षण करने पहुंची. राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग की टीम के साथ पुलिस भी मौजूद रही. इस दौरान आयोग ने किले की पहाड़ी पर तोप चलाने को लेकर आयोग ने कड़ी नाराजगी जाहिर की. राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने कहा कि किले की पहाड़ी पर तोप कैसे चला दी गई. तोप चलाने का लाइसेंस देने का अधिकारी कलेक्टर को भी नहीं है. इसके साथ ही रमजान के दौरान रायसेन किले पर तोप चलाने पर रोक लगा दी गई है.

‘दोबारा घटना हुई तो कलेक्टर, SDM पर होगी कार्रवाई’

रायसेन किले की पहाड़ी पर तोप चलाने के मामले में निरीक्षण करने पहुंची मानवाधिकारी की टीम ने जिला प्रशासन को भी हिदायत दी है. प्रियंक कानूनगो ने कहा, ‘तोप चलाने का लाइसेंस देने का अधिकार किसी के पास नहीं है. कलेक्टर भी तोप चलाने का अधिकार नहीं दे सकता है. तोप में भरने वाले बारूद की भी परमिशन नहीं मिली थी. इस तरह तो बारूद का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों में किया जा सकता है. अगर इस तरह की घटना दोबारा होती है तो जिला कलेक्टर और एसडीएम पर कार्रवाई की जाएगी.’

बिना परमिशन किले से चलाई गई थी तोप

रायसेन किले की पहाड़ी से कुछ दिन पहले तोप चलाने का मामाल सामने आया था. इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. इसमें टोपी पहने एक व्यक्ति तोप से फायर करता हुआ नजर आ रहा है. इसके साथ ही ईरान के समर्थन में नारेबाजी करते हुए भी दिखाई दिए थे. वहीं वीडियो वायरल होते हुई काफी बवाल मचा था. हालांकि आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका है.

वहीं पूरे मामले पर राष्ट्रीय मानव अधिकार ने संज्ञान लिया था. आयोग ने पुलिस और जिला प्रशासन समेतभारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से मामले में रिपोर्ट मांगी थी. वहीं गुरुवार को आयोग की टीम ने भी किले की पहाड़ी पर पहुंचकर निरीक्षण किया.

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